अगर आपका बच्चा किसी निजी स्कूल में पढ़ता है, तो आपने यह जरूर महसूस किया होगा कि हर साल फीस बढ़ने की चिंता बनी रहती है। कई बार बिना साफ वजह के फीस बढ़ा दी जाती है और माता-पिता सिर्फ मजबूरी में भुगतान करते हैं। इसी परेशानी को समझते हुए दिल्ली सरकार ने निजी स्कूल फीस नियंत्रण कानून 2025 बनाया है।
इस कानून का मकसद है फीस बढ़ोतरी को एक तय प्रक्रिया से जोड़ना, स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाना और अभिभावकों को राहत देना। हालांकि, यह कानून तुरंत लागू नहीं होगा, बल्कि अगले शैक्षणिक सत्र से प्रभावी होगा।
निजी स्कूल फीस नियंत्रण कानून 2025 क्या है
यह कानून दिल्ली के निजी स्कूलों में फीस तय करने और बढ़ाने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। अब तक अधिकतर मामलों में स्कूल अपने स्तर पर फीस बढ़ा देते थे, जिससे माता-पिता के पास सवाल पूछने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता था।
नया कानून यह सुनिश्चित करता है कि फीस बढ़ोतरी:
- कारण के साथ हो
- एक तय प्रक्रिया के तहत हो
- माता-पिता को पहले से जानकारी दी जाए
इसका उद्देश्य स्कूलों को परेशान करना नहीं, बल्कि एक संतुलित और पारदर्शी सिस्टम बनाना है।
यह कानून कब से लागू होगा
पहले यह माना जा रहा था कि यह कानून शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगा। लेकिन बाद में यह साफ किया गया कि सत्र के बीच में कानून लागू करने से अव्यवस्था हो सकती है।
अब तय हो चुका है कि:
निजी स्कूल फीस नियंत्रण कानून 2025 शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किया जाएगा।
इसका मतलब है कि मौजूदा सत्र में स्कूल पुराने नियमों के अनुसार ही फीस तय करेंगे।
फीस तय करने की नई व्यवस्था कैसे होगी
नया कानून फीस तय करने के लिए एक चरणबद्ध और सामूहिक प्रक्रिया लागू करता है।
स्कूल स्तर पर फीस समिति
हर निजी स्कूल में एक फीस समिति बनाई जाएगी। इसमें शामिल होंगे:
- स्कूल प्रबंधन का प्रतिनिधि
- प्रधानाचार्य
- शिक्षक प्रतिनिधि
- अभिभावक प्रतिनिधि
- शिक्षा विभाग द्वारा नामित सदस्य
यह समिति स्कूल के खर्च, स्टाफ वेतन, सुविधाओं और जरूरतों को देखकर फीस का प्रस्ताव तैयार करेगी।
फीस संरचना में पारदर्शिता
स्कूलों को यह साफ-साफ बताना होगा कि:
- ट्यूशन फीस कितनी है
- विकास शुल्क क्यों लिया जा रहा है
- लैब, लाइब्रेरी और अन्य शुल्क किस आधार पर हैं
अब बिना विवरण के एकमुश्त फीस लेना आसान नहीं होगा।
जिला स्तर पर समीक्षा प्रक्रिया
अगर अभिभावकों को लगता है कि फीस अनुचित है, तो वे जिला स्तर की समिति के पास शिकायत कर सकते हैं। यह समिति फीस प्रस्ताव की जांच करेगी और जरूरत पड़ने पर उसमें बदलाव भी कर सकती है।
अभिभावकों को क्या फायदा मिलेगा
यह कानून खास तौर पर माता-पिता को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
अभिभावकों को मिलने वाले फायदे:
- फीस बढ़ने से पहले पूरी जानकारी
- फीस तय करने की प्रक्रिया में भागीदारी
- शिकायत दर्ज कराने का स्पष्ट मंच
- बिना कारण फीस बढ़ोतरी पर रोक
अब माता-पिता सिर्फ फीस भरने वाले नहीं रहेंगे, बल्कि फैसले की प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।
स्कूलों पर इसका क्या असर पड़ेगा
यह कानून स्कूलों के लिए भी एक साफ व्यवस्था लाता है। स्कूल अपनी वास्तविक जरूरतों के अनुसार फीस का प्रस्ताव रख सकते हैं, लेकिन उन्हें हर खर्च का हिसाब देना होगा।
स्कूलों के लिए बदलाव:
- फीस बढ़ाने से पहले तय प्रक्रिया अपनानी होगी
- खर्चों का रिकॉर्ड रखना जरूरी होगा
- माता-पिता से संवाद बढ़ेगा
- नियम तोड़ने पर कार्रवाई हो सकती है
ईमानदारी से काम करने वाले स्कूलों के लिए यह कानून नुकसानदेह नहीं है।
जुर्माना और कार्रवाई के प्रावधान
अगर कोई स्कूल कानून का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- आर्थिक जुर्माना
- गलत तरीके से ली गई फीस की वापसी
- भविष्य में फीस बढ़ाने पर रोक
इसका उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को सही दिशा में ले जाना है।
मौजूदा शैक्षणिक सत्र में स्थिति क्या रहेगी
बहुत से अभिभावक यह जानना चाहते हैं कि क्या इस साल फीस बढ़ सकती है। जवाब साफ है:
हां, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्कूल पुराने नियमों के अनुसार फीस बढ़ा सकते हैं।
नया कानून इस सत्र में लागू नहीं होगा।
आगे क्या बदलाव देखने को मिल सकता है
जब यह कानून 2026-27 से लागू होगा, तो निजी स्कूलों की फीस व्यवस्था में धीरे-धीरे बदलाव आएगा।
- फीस बढ़ोतरी के कारण स्पष्ट होंगे
- स्कूल और अभिभावकों के बीच विवाद कम होंगे
- पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी
हालांकि किसी भी नए कानून का पूरा असर दिखने में समय लगता है, लेकिन दिशा सही मानी जा रही है।
निष्कर्ष
निजी स्कूल फीस नियंत्रण कानून 2025 दिल्ली के अभिभावकों के लिए एक जरूरी और सकारात्मक पहल है। भले ही इसका फायदा तुरंत न दिखे, लेकिन 2026-27 से लागू होने के बाद फीस व्यवस्था में पारदर्शिता और संतुलन आने की पूरी उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
निजी स्कूल फीस नियंत्रण कानून 2025 कब लागू होगा?
यह कानून शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा।
क्या इस साल निजी स्कूल फीस बढ़ा सकते हैं?
हां, मौजूदा सत्र में पुराने नियम लागू रहेंगे।
क्या यह कानून सभी निजी स्कूलों पर लागू होगा?
दिल्ली के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल इस कानून के दायरे में आएंगे।
क्या अभिभावक फीस समिति में शामिल होंगे?
हां, फीस समिति में अभिभावकों का प्रतिनिधित्व अनिवार्य होगा।
अगर स्कूल नियमों का पालन न करे तो क्या होगा?
स्कूल पर जुर्माना लग सकता है और गलत तरीके से ली गई फीस वापस करनी पड़ सकती है।

